CENTRAL PROCESSING UNIT
दोस्तों आज के टॉपिक में हम आपको बताएँगे की कण्ट्रोल यूनिट क्या होता है कण्ट्रोल यूनिट का महत्व कंप्यूटर में क्या है दोस्तों कण्ट्रोल यूनिट कंप्यूटर का एक भाग है जिसके बारे में आज आपको बताने जा रहे है आप इस टॉपिक को ध्यान से पढ़िए
CENTRAL PROCESSING UNIT (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट)-
What is Central Processing Unit ?
सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit)कम्प्यूटर में किए जाने वाले सभी कार्य सी पी यू के द्वारा किए जाते हैं। यह कम्प्यूटर का वह भाग होता है, जिसमें अरिथमैटिकऔर लाजिकल ऑपरेशन्स (Arithmetic and Logical operations) निष्पादित होते हैं तथा निर्देश (Instructions) डिकोड और एक्जीक्यूट किए जाते हैं। सी पी यू कम्प्यूटर के सम्पूर्ण ऑपरेशन्स (Operations) को नियन्त्रित करता है। सी पी यू को कम्प्यूटर का मस्तिष्क और माइकोप्रोसेसर कहा जाता है।
सी पी यू के प्रमुख कार्य निम्न हैं-
(i) निर्देशों तथा डेटा को मुख्य मेमोरी से रजिस्टर्स में स्थानान्तरित करना।
(ii) निर्देशो का क्रमिक रूप से क्रियान्वयन करना।
(iii) आवश्यकता पड़ने पर आउटपुट डेटा को रजिस्टर्स से मुख्य मेमोरी में स्थानान्तरित करना।
सी पी यू के प्रमुख तीन अवयव निम्न है-
What Is Control Unit ?
कण्ट्रोल यूनिट (Control Unit)
यह सी पी यू का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग है। यह कम्प्यूटर के सभी भागों के कार्यों पर नजर रखता है और उनमें परस्पर तालमेल बैठाने के लिए उचित आदेश भेजता है। इसका सबसे प्रमुख और पहला कार्य यह है कि हम जिस प्रोग्राम का पालन कराना चहाते हैं, यह उसे मेमोरी में से क्रमश: पढ़कर उसका विश्लेषण (Analysis) करता है और उसका पालन कराता है। किसी आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए वह कम्प्यूटर के दूसरे भागों (जैसे-मेमोरी) को उचित निर्देश जारी करता है। कम्प्यूटर के सभी भागों में तालमेल बनाकर प्रोग्रामों का ठीक-ठीक पालन कराना इसी अवयव की जिम्मेदारी है।अरिथमैटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit - ALU)
सी पी यू के लिए सभी प्रकार की अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़ना, घटाना, गुणा करना तथा भाग देना) और तुलनाएँ (दो संख्याओं में यह बताना कि कौन-सी छोटी या बड़ी है अथवा दोनों बराबर हैं) इसी अवयव में की जाती है। यह अवयव कई ऐसे इलेक्ट्रॉनिक परिपथों से बनी होती है, जिनमें एक ओर से कोई दो संख्याएँ भेजने पर दूसरी ओर से उनका योग, अन्तर, गुणनफल या भागफल प्राप्त हो जाता है। इसमें सारी क्रियाएँ बाइनरी पद्धति में की जाती हैं। प्राप्त होने वाली संख्याओं तथा क्रियाओं के परिणामों को अस्थायी रूप से स्टोर करने या रखने के लिए इसमें कई विशेष बाइटें होती हैं, जिन्हें रजिस्टर्स (Rejisters) कहा जाता है।दोस्तों आपने इस पोस्ट में जाना की कण्ट्रोल यूनिट क्या होता है और कंप्यूटर में इसका कार्य क्या है
साथ ही हमने आपको बताया की अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट क्या होता है दोस्तों अगर मेरे द्वारा बताये हुए टॉपिक में अगर कोई त्रुटि हो तो कृपया आप कमेंट बॉक्स हमें जरूर बताये और अगर आपको ये टॉपिक अच्छा लगा हो तो आप इस टॉपिक को आपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे आपके कीमती समय के लिए आपका बहुत धन्यवाद ...... CAREER CREATION




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