What is Data/Information Representation ?
डेटा/सूचना का रिप्रेण्टेशन (Data/Information Representation)
कम्प्यूटर, डेटा के निरूपण के लिए बाइनरी भाषा का प्रयोग करता है। ये बाइनरी भाषा 0 और 1 से मिलकर बनी होती है। उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को जो भी डेटा या निर्देश इनपुट के रूप मे देता है या कम्प्यूटर से जो भी आउटपुट प्राप्त करता है वह अक्षर, संख्या, संकेत, धनि या वीडियो के रूप मे होता है। इन सभी डेटा या निर्देशों को पहले बाइनरी भाषा में बदलना पड़ता है अर्थात् डेटा को 0 और 1 के रूप में प्रस्तुत करना पड़ता है। इस प्रक्रिया को ‘डेटा निरूपण’ कहते हैं।
बेसिक डेटा टाइप्स (Basic Data Types)
हम जिस प्रकार के डेटा की प्रोसेसिंग करते हैं, वह अपने स्वरूप और उपयोग के अनुसार कई प्रकार का हो सकता है। डेटा को हम मुख्यत: तीन श्रेणियों में बाँटते हैं- संख्यात्मक (Numeric), अक्षरात्मक (Alphabetic) और वर्णात्मक (Alphanumeric)
1. संख्यात्मक डेटा (Numeric Data)
सभी प्रकार की संख्याओं को संख्यात्मक डेटा कहा जाता है। उदाहरण के लिए, किसी वस्तु का वजन, किसी कर्मचारी का वेतन, कमरे का तापमान, किसी पुस्तक का मूल्य, किसी विद्यार्थी के प्राप्तांक आदि सभी संख्यात्मक डेटा हैं। संख्याओं को हम मुख्यत: केवल अंकों (0 से 9 तक) का प्रयोग करके लिखते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनसे पहले धन (+) या ऋण (-) चिन्ह लगा सकते हैं और अधिकतम एक दशमलव बिन्दु (Decimal Point) प्रयोग कर सकते हैं। जो भी डेटा इन शर्तों को पूर्ण करता है, वह संख्यात्मक डेटा कहलाता है।
संख्यात्मक डेटा को उसके स्वरूप के अनुसार दो प्रमुख वर्गो में बाँटा जाता हैं- पूर्णांक (Integer) और अपूर्णांक (Non -Integer)
(i) पूर्णांक डेटा (Integer Date):- पूर्णांक डेटा ऐसी संख्याओं को कहा जाता है, जो पूर्ण होती हैं अर्थात् जिसमें दशमलव बिन्दु नहीं होता। उदाहरण के लिए, 7, -5,+ 42,1234, 9876 ये सभी पूर्णाक डेटा हैं। संख्या 7.0 पूर्णांक नहीं है, क्योंकि इसमें दशमलव बिन्दु का प्रयोग किया गया है।
(ii) अपूर्णांक डेटा (Non - Integer) जिन संख्याओं में दशमलव बिन्दु का प्रयोग किया जाता है अर्थात् भिन्नांक होता है, उन्हें अपूर्णांक डेटा कहा जाता है। इन्हें वास्तविक संख्याएँ (Real Number) भी कहते हैं। उदाहरण के लिए, 1.234, -3 4.567, 0.9876, +4.20, 0.0, 7.0 ये सभी अपूर्णांक डेटा हैं।
2. अक्षरात्मक डेटा (Alphabetic Data)
जो डेटा केवल अग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों (A से z तक या a से z तक) तथा रिक्त स्थानों (blanks या Spaces) से मिलकर बनता है, उसे अक्षरात्मक डेटा कहा जाता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति का नाम, किसी शहर का नाम, किसी पुस्तक का शीर्षक आदि अक्षरात्मक डेटा हैं। यह ध्यान में रखने योग्य बात है कि ‘Sudhir Kumar Srivastava’ अक्षरात्मक डेटा है, लेकिन ‘S.K. Srivastave’ अक्षरात्मक नहीं है, क्योंकि इसमें बिन्दु अर्थात् डॉट (.) का उपयोग किया गया है।
3. वर्णात्मक डेटा (Alphanumaric Data)
ऐसा डेटा जिसमें अक्षरों, अंकों तथा अन्य सभी प्रकार के चिह्नों का प्रयोग किया जा सकता है, को वर्णात्मक डेटा कहा जाता है। उदाहरण के लिए, किसी का एड्रेस, किसी पत्र का मैटर आदि।
संख्या पद्धति (Number System)
संख्या पद्धति के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की संख्याओं का समूह होता है, जिसका उपयोग कम्प्यूटर में किसी डेटा/निर्देश को व्यक्त करने के लिए करते हैं।
संख्या पद्धति के प्रकार (Types of Number System)
कम्पूटर सिस्टम द्वारा प्रयोग की जाने वाली संख्या पद्धतियाँ मुख्यत: चार प्रकार की होती हैं -
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| NUMBERSYSTEM |
1. बाइनरी या द्वि-आधारी संख्या प्रणाली (Binary Number System)
इस संख्या प्रणाली में केवल दो अंक होते हें - 0 (शून्य) और 1 (एक)। जिस कारण इसका आधार दो होता है। इसलिए इसे द्वि - आधारी या बाइनरी संख्या प्रणाली कहा जाता हैl जिस प्रणाली में कम्प्यूटर की मुख्य पद्धति बनती है, वह स्विच की तरह कार्य करती है। स्विच की केवल दो स्थितियाँ होती हैं -ऑन (ON) तथा ऑफ (OFF)। इस आधार पर कम्प्यूटर संख्या प्रणाली में 0 (शून्य) का अर्थ ऑफ से तथा 1 (एक) का अर्थ ऑन से लगाया जाता हैं।
2. दशमलव या दशमिक संख्या प्रणाली (Decimal Nymber System)
दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली संख्या पद्धति को दशमिक या दशमलव संख्या प्रणाली कहा जाता है। इस संख्या प्रणाली में 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 ये दस संकेत मान (Symbol Value) होते हैं। जिस कारण इस संख्या प्रणाली का आधार दस होता है।
3. ऑल्टल या अष्ट- आधारी संख्या प्रणाली (Octal Number System)
ऑक्टल संख्या प्रणाली में 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 इन आठ अंकों का प्रयोग किया जाता है। जिस कारण इसका आधार आठ होता है।
4. हेक्सा-डेसीमल या षट्दशमिक संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System)
हेक्सा-डेसीमल शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है- हेक्सा+डेसीमल। हेक्सा से तात्पर्य छ: तथा डेसीमल से तात्पर्य दस से होता है। अत: इस संख्या प्रणाली में कुल सोलह [16] (0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, A, B, C, D, E, F) अंक होते हैं। इसके मुख्य मान क्रमश: 0 से 15 तक होते हैं, परन्तु 10, 11, 12 आदि को दो अलग- अलग अंक न समझ लिया जाए, इसलिए हम अंकों 10, 11, 12, 13, 14 और 15 के स्थान पर क्रमश: A, B, C, D, e तथा F अक्षर लिखते हैं। इस प्रकार इस प्रणाली में दस अंक तथा छ: वर्णों का प्रयोग किया जाता है, जो निम्नलिखित हैं-
0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, A, B, C, D, E, F
डेटा प्रोसेसिंग (Data Processing)
डेटा ऐसे तथ्यों का समूह है जिसे संख्या, अक्षर या शब्द द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। इन्फॉर्मेशन संसोधित डेटा को कहा जाता है जो इन्फॉर्मेशन प्राप्त करने वालों के लिए उपयोगी होता है। कभी-कभी डेटा को कच्चा माल Raw Material) कहा जाता है जिसे प्रोसेस करने पर इन्फॉर्मेशन प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया को डेटा प्रोसेसिंग (Data Processing) कहा जाता है। अत: डेटा को इन्फॉर्मेशन में बदलने की प्रक्रिया को डेटा प्रोसेसिंग कहते हैl
डेटा प्रोसेसिंग के पाँच चरण होते हैं -
(i) डेटा को एकत्रित करना
(ii) डेटा को तैयार करना
(iii) डेटा को इनपुट करना
(iv) डेटा की प्रोसेसिंग
(v) इन्फॉर्मेशन का आउटपुट







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